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Showing posts from June, 2021

भारतीय ज्योतिष में जड़ी से ग्रहों की शांति | Grah Shanti Jadi Remedies in Astrology

भारतीय ज्योतिष में ग्रह शांति हेतु जड़ियों का महत्व जानिए भारतीय ज्योतिष में ग्रहों की शांति के लिए जड़ का महत्व। कौन-सी जड़ किस ग्रह के लिए पहनी जाती है और उसे पहनने की विधि क्या है। ग्रह दोष समाधान के लिए सरल उपाय। प्रस्तावना | Introduction भारतीय ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) में जीवन को प्रभावित करने वाले नौ ग्रहों का विशेष महत्व है। कभी-कभी कुंडली में किसी ग्रह के अशुभ फल के कारण जीवन में रुकावटें, पीड़ा या कठिनाइयाँ आती हैं। ऐसे समय रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है, लेकिन हर कोई महंगे रत्न नहीं खरीद पाता। इसलिए ज्योतिष ग्रंथों में जड़ों (जड़ी-बूटियों) का विशेष उल्लेख मिलता है, जिससे ग्रहों को शांत किया जा सकता है। जड़ियाँ न सिर्फ सस्ती होती हैं, बल्कि यदि पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से धारण की जाएँ तो रत्नों की तरह ही प्रभाव देती हैं। प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों ने अनुभव किया कि वनस्पतियों में दिव्य ऊर्जा होती है जो हमारे ग्रह-दोष को शांत कर सकती है। ज्योतिष में जड़ियों का महत्व | Importance of Jadi in Jyotish जड़ धारण करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम ह...

सूर्य स्तोत्र: पाठ विधि, लाभ और महत्व | Surya Stotra Path Vidhi, Benefits & Mahatva

सूर्य स्तोत्र पाठ विधि, लाभ और महत्व | Surya Stotra Benefits & How to Chant परिचय | Introduction सूर्य स्तोत्र (Surya Stotra) एक पवित्र हिंदू स्तोत्र है जो सूर्य देव की स्तुति और उपासना के लिए रचा गया है। इसे खासकर ऋषियों और मुनियों ने सूर्य देव से शक्ति, ज्ञान और स्वास्थ्य प्राप्त करने के उद्देश्य से लिखा है। सामान्यतः इसे सूर्योदय के समय पढ़ना सबसे शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में सूर्य देव को साक्षात जीवंत देवता माना जाता है क्योंकि उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। इसीलिए सूर्य स्तोत्र का पाठ करने से न सिर्फ आध्यात्मिक ऊर्जा बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। सूर्य स्तोत्र के लाभ | Surya Stotra Benefits सूर्य स्तोत्र जीवन से अंधकार, आलस्य और नकारात्मकता को दूर करता है। यदि कुंडली में सूर्य कमजोर है तो इसका पाठ ग्रह दोषों को कम करता है। आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होती है। करियर, शिक्षा और वित्तीय प्रगति में सहायक है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य तनाव, चिंता और अ...

चंद्र स्तोत्र के लाभ | Chandra Stotra Jap Ke Fayde, Mahatva Aur Vidhi

चंद्र स्तोत्र के लाभ | Chandra Stotra Jap Ke Fayde, Mahatva Aur Vidhi जानिए चंद्र स्तोत्र के अद्भुत लाभ (Chandra Stotra Ke Labh) – मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति, स्वास्थ्य, धन-संपत्ति और सफलता। पढ़िए जाप विधि, महत्व और FAQs विस्तार से। चंद्र देव का महत्व | Importance of Chandra Dev चंद्र देव मन और भावनाओं के अधिपति हैं। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। अशांति, चिंता, अवसाद और वैवाहिक जीवन की समस्याओं का मुख्य कारण कमजोर चंद्रमा होता है। चंद्र स्तोत्र का नियमित जप करने से व्यक्ति का चित्त शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। चंद्र स्तोत्र क्या है? | What is Chandra Stotra चंद्र स्तोत्र एक प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है, जो पाँच श्लोकों से मिलकर बना है। विभिन्न ऋषियों और देवताओं ने इसकी रचना की। इसे पढ़ने या सुनने से चंद्र देव प्रसन्न होते हैं। चंद्र स्तोत्र के लाभ | Benefits of Chandra Stotra मानसिक शांति (Peace of Mind) अवसाद, तनाव और चिंता कम होती है। मन एकाग्र और स्थिर होता है। क्रोध और भय दूर होते हैं। आध्यात्...

महालक्ष्मी माता व्रत कथा व पूजा विधि | Mahalakshmi Mata Vrat Katha & Puja Vidhi 2025

महालक्ष्मी माता व्रत व पूजा विधि | Mahalakshmi Mata Vrat Katha and Puja Vidhi कनागत अष्टमी पर की जाने वाली महालक्ष्मी माता की विशेष पूजा विधि (Mahalakshmi Mata Puja Vidhi) व कथा विस्तार से पढ़ें। व्रत सामग्री, सही पूजा विधि, कथा, FAQs और महत्व जानें। परिचय (Introduction) भारत विविधताओं की भूमि है जहां परंपराएं और लोक आस्थाएं ही जीवन का आधार हैं। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में कनागत की अष्टमी को महालक्ष्मी माता की विशेष पूजा होती है। यह व्रत घर-परिवार की सुख-समृद्धि, संतान-सुख प्राप्ति, विपत्तियों से रक्षा और आर्थिक सम्पन्नता के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। इस दिन महिलाएं स्नान-सिंगार कर, विधिवत पूजा कर, कथा सुनती हैं और दीपदान करती हैं। पूजा सामग्री (Puja Samagri) सिंगार का सामान 16 चावल के दाने 16 गांठ वाला रेशमी धागे से बना गड़ा 16 दूब (घास) 16 बरगद के पौड़ 4 पूरी और 4 मीठी पूरी मिट्टी का हाथी 16 दीपक तांबे का लोटा जल से भरा हुआ पटा या स्वच्छ कपड़ा चंदन महावर (पैरों के लिए) पूजा विधि (Puja Vidhi Step by Step) स्नान कर स्...

जब भगवान श्रीकृष्ण ने ली भक्त की पीड़ा – भक्त श्यामू दास की चमत्कारिक कहानी | Bhakt Shyamu Das Ki Kahani

जब भगवान श्रीकृष्ण ने ली भक्त की पीड़ा – भक्त श्यामू दास की चमत्कारिक कहानी जानिए भक्त श्यामू दास और भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत सच्ची कहानी, जिसमें भगवान स्वयं अपने भक्त के खेत जोतने आए। यह प्रेरणादायी कथा भक्ति, विश्वास और प्रेम का अमूल्य संदेश देती है। श्यामू दास कौन थे? | Who was Shyamu Das श्यामू दास चार भाइयों में सबसे छोटे थे। बचपन से ही उनका मन केवल एक ही चीज़ पर टिका था – कृष्ण भक्ति। न पढ़ाई में मन लगता, न ही कामों में। परिवारवालों की लाख कोशिशों के बावजूद वह केवल कथा, कीर्तन और भक्ति मंडलियों में ही रमते थे। Parivaar ne unhe samjhaya, par unka man sirf Krishna Bhakti mein tha. Ant mey unhe hissa dekar alag kar diya gaya aur patni ke saath ek jhopdi mein bas gaye. पारिवारिक संघर्ष और खेती की शुरुआत | Struggle and Beginning of Farming घरवालों ने उन्हें अनेक बार समझाया कि खेती करो या कोई काम धंधा सीखो, मगर उनका दिल संसार में नहीं लगा। अंत में परिवार ने उन्हें उनका हिस्सा देकर अलग कर दिया। श्यामू दास और उनकी पत्नी खेत किनारे एक झोपड़ी में रहने लगे। पत्नी चिंतित रहती और ...

पांच कदम की कहानी – Motivational Story in Hindi | Panch Kadam Ki Kahani

पांच कदम की कहानी – Motivational Story in Hindi यह प्रेरणादायक हिंदी कहानी “पांच कदम की कहानी” हमें सिखाती है कि जीवन का अंधकार केवल छोटे-छोटे कदम बढ़ाने से ही दूर होता है। यह स्टोरी हमें समझाती है कि साहस, धैर्य और निरंतरता ही सफलता की कुंजी हैं। कहानी की प्रस्तावना | Introduction जीवन सागर की तरह है। लहरें साफ़ नहीं दिखतीं, पर जब हम नाव को आगे बढ़ाते रहते हैं, तो मंज़िल अपने आप नज़दीक आती है। यही संदेश हमें इस कहानी से मिलता है, जिसमें गुरुजी ने अपने दो शिष्यों को जीवन का अमूल्य पाठ पढ़ाया। माधव नगर का गुरुकुल | Madhav Nagar Ka Gurukul माधव नगर में एक प्रसिद्ध गुरुकुल था, जहाँ दूर-दराज़ से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते थे। उनमें से दो शिष्य सबसे प्रिय थे — हरि और गोपाल। वे हमेशा एक-दूसरे की मदद करते थे। साधना और अनुशासन में आगे थे। गुरुजी उनसे प्रसन्न रहते थे। गुरुजी की कठिन परीक्षा | Guruji Ki Anokhi Pariksha एक दिन गुरुजी ने दोनों शिष्यों को बुलाया और कहा: “अगली अमावस्या की रात ठीक आठ बजे पाठशाला में आना। तुम्हें एक विशेष कार्य करना होगा।” अमावस्या की रात...

बुध स्तोत्र पाठ के चमत्कारी लाभ और कथा | Budh Stotra Paath ke Laabh aur Katha

बुध स्तोत्र पाठ के चमत्कारी लाभ और कथा बुध देव की कृपा से सफलता, धन और बुद्धि पाने का आधार बुध स्तोत्र का नियमित पाठ करें और प्राप्त करें बुद्धि, वाणी की शुद्धता, धन-समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति। जानें बुध देव की कथा, पाठ की विधि एवं उपाए। परिचय ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को ज्ञान, बुद्धि, वाणी और व्यापार का देवता माना जाता है। यह ग्रह मनुष्य की बुद्धिमत्ता, तर्कशक्ति और संचार कौशल का प्रतिनिधित्व करता है। जिसे वैदिक परंपरा में रूपी राजकुमार भी कहा गया है। बुध ग्रह की कृपा पाने के लिए विशेष बुध स्तोत्र का पाठ किया जाता है, जो बुध दोष को शांत करके जीवन में समस्त शुभ फल लाता है। बुध देव की कथा और महत्व प्राचीन पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान बुध का जन्म चंद्रमा (सोम) और तारा के पुत्र के रूप में हुआ था। वे एक अत्यंत मृदु, बुद्धिमान, और सौम्य स्वभाव के देवता हैं। बुध ग्रह वाणी, लेखन, व्यापार, और गणित की विद्या के स्वामी माने जाते हैं। ज्योतिष में बुध को मिथुन और कन्या राशि का स्वामी ग्रह माना गया है। शुभ स्थिति में बुध व्यक्ति को अत्यधिक ज्ञान, कुशलत...