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Showing posts from October, 2025

Mulank

मूलांक: जीवन, करियर और स्वभाव का रहस्य अंक ज्योतिष हमारे जीवन की संख्यात्मक ऊर्जा को समझने का एक अत्यंत प्राचीन और प्रभावी माध्यम है। इसका सबसे बुनियादी तत्व है मूलांक — जो हमारे जन्मदिन से निकलता है और हमारे स्वभाव, कर्म और जीवन दिशा को इंगित करता है। मूलांक क्या है? मूलांक वह एकल संख्या होती है जो व्यक्ति की जन्मतिथि को जोड़कर प्राप्त होती है। यदि जोड़ के बाद दो अंकों की संख्या आती है तो उन्हें फिर से जोड़ा जाता है, जब तक कि 1 से 9 तक का एक अंक न मिले। यही संख्या आपका मूलांक कहलाती है। यह आपके ग्रह स्वभाव, मनोवृत्ति, करियर विकल्प, और रिश्तों के पैटर्न को दर्शाती है। मूलांक निकालने का तरीका अपनी जन्म तिथि के सभी अंक लिखें। इन सभी को जोड़ें। यदि परिणाम दो अंकों का है, तो उन अंकों को भी जोड़ें। जब एक अंक रह जाए, वही आपका मूलांक है। उदाहरण: जन्मतिथि: 15 जनवरी 1990 गणना: 1 + 5 + 0 + 1 + 1 + 9 + 9 + 0 = 26 → 2 + 6 = 8 इसलिए मूलांक 8 है। मूलांक के अनुसार ग्रह शासन मूलांक ग्रह प्रकृति 1 सूर्य आत्मविश्वासी और नेतृत्वकारी 2 चंद्रमा संवेदनशील और कलात...

Nemurology report

न्यूमेरोलॉजी – अंकों की रहस्यमयी दुनिया न्यूमेरोलॉजी यानी अंक ज्योतिष केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह जीवन का एक अद्भुत विज्ञान है जो हमारे जन्म, विचार, व्यवहार और भाग्य से जुड़ा हुआ है। प्राचीन भारत में इसे "अंक शास्त्र" कहा जाता था जबकि पश्चिमी देशों में इसे "Numerology" नाम से जाना गया। न्यूमेरोलॉजी की उत्पत्ति अंक ज्योतिष की जड़ें वैदिक काल से जुड़ी हैं। ऋषि-मुनियों ने पाया कि ब्रह्मांड में हर चीज़ कंपन से जुड़ी है, और प्रत्येक अंक की अपनी एक विशिष्ट ऊर्जा होती है। पश्चिमी न्यूमेरोलॉजी की नींव यूनानी गणितज्ञ पाइथागोरस ने रखी थी। उन्होंने कहा था कि “पूरा ब्रह्मांड संख्याओं पर आधारित है।” भारत में अंक शास्त्र का संबंध नवग्रहों, नक्षत्रों और ग्रह ऊर्जा से जुड़ा है। यह विज्ञान बताता है कि प्रत्येक व्यक्ति की जन्म तिथि उसकी आत्मा के गुण, कर्म और भाग्य को चिह्नित करती है। न्यूमेरोलॉजी के तीन प्रमुख आधार मूलांक (Birth Number) भाग्यांक (Life Path Number) नामांक (Name Number) मूलांक कैसे निकालते हैं यदि कोई व्यक्ति 16 नवंबर 199...